सबसे ज़्यादा आने वाली शिकायतें और उनकी वजहें
| आप क्या देखते हैं | आमतौर पर वजह | साइट पर या वर्कशॉप में? |
|---|---|---|
| मशीन चल रही है पर प्रेशर नहीं बन रहा | इनलेट वाल्व नहीं खुल रहा, सेपरेटर जाम, मिनिमम प्रेशर वाल्व लीक, एयरएंड घिसा हुआ, बेल्ट स्लिप | ज़्यादातर साइट पर |
| गरम होकर ट्रिप | ऑयल कूलर पर धूल की परत, थर्मोस्टैटिक वाल्व अटका, तेल कम, ग़लत तेल, कमरे में हवा का रास्ता नहीं, पंखा फ़ेल | साइट पर |
| एयर लाइन में तेल | सेपरेटर एलिमेंट ख़राब, स्कैवेंज लाइन जाम, तेल का लेवल ज़्यादा | साइट पर |
| हवा में पानी | ड्रायर काम नहीं कर रहा, ड्रेन वाल्व ख़राब, रिसीवर ड्रेन नहीं हुआ | साइट पर |
| बार-बार लोड/अनलोड | रिसीवर छोटा, लीकेज ज़्यादा, प्रेशर स्विच या सेंसर की सेटिंग | साइट पर |
| नई आवाज़, कंपन | बेयरिंग, कपलिंग, एयरएंड | जाँच साइट पर; एयरएंड का काम वर्कशॉप में |
| मोटर स्टार्ट नहीं होती, ट्रिप होती है | ओवरलोड सेटिंग, कॉन्टैक्टर, फ़ेज़ फ़ेल, मोटर वाइंडिंग, कंट्रोलर | साइट पर; रीवाइंडिंग वर्कशॉप में |
| डीज़ल कंप्रेसर की ताक़त कम, धुआँ | इंजन फ़िल्टर, इंजेक्टर, एयर फ़िल्टर, रेडिएटर, ईंधन | साइट पर; इंजन रीबिल्ड वर्कशॉप में |
रिपेयर विज़िट कैसे होती है
- पहले फ़ोन या व्हाट्सऐप पर: नेमप्लेट की फ़ोटो, कंट्रोलर डिस्प्ले या फ़ॉल्ट कोड की फ़ोटो, समस्या क्या है, पिछली सर्विस कब हुई। इसी से सर्विस इंजीनियर तय करते हैं कि कौन-से पुर्ज़े साथ लाने हैं – पहली ही विज़िट में काम पूरा हो, इसके लिए यह ज़रूरी है।
- विज़िट आपसे बात करके तय होती है। “इतने घंटे में पहुँचेंगे” जैसा वादा नहीं करते; हैदराबाद के भीतर और बाहर के ज़िलों के लिए दूरी के हिसाब से योजना बनती है।
- साइट पर सर्विस इंजीनियर मशीन को लोड पर चलाकर देखते हैं – गेज रीडिंग, तापमान, आवाज़, लीकेज। समस्या कहाँ है यह पक्का करके ही पुर्ज़ा बदलते हैं; शक के आधार पर पुर्ज़े नहीं बदलते।
- मरम्मत के बाद फिर लोड पर टेस्ट, और आपको बताते हैं कि क्या किया और आगे किस बात का ध्यान रखना है।
- वर्कशॉप का काम ज़रूरी हो (एयरएंड ओवरहॉल, इंजन रीबिल्ड, मोटर रीवाइंडिंग) तो आपका उत्पादन न रुके, इसके लिए हमारे फ़्लीट से किराए की मशीन लगाई जा सकती है।
फ़ोन करने से पहले तीन चीज़ें जो आप ख़ुद देख सकते हैं
- एयर फ़िल्टर: निकालकर देखिए। धूल से भरा हो तो प्रेशर कम होने और गरम होने – दोनों की यही वजह हो सकती है।
- तेल का लेवल और रंग: साइट ग्लास में देखिए। तेल दूध जैसा सफ़ेद हो तो पानी मिला है; काला और बदबूदार हो तो जल चुका है।
- कमरे की हवा: कंप्रेसर के आसपास गरम हवा बाहर निकलने का रास्ता है? बंद कमरे या धूप वाली जगह की मशीन गर्मियों में ज़रूर ट्रिप होगी।
ये सुरक्षित जाँचें हैं। प्रेशर वाली पाइप या इलेक्ट्रिकल पैनल न खोलें – वह सर्विस इंजीनियर का काम है।
हर ब्रांड, हर प्रकार
हम किसी एक ब्रांड के अधिकृत डीलर नहीं हैं; सभी प्रमुख ब्रांडों के साथ सप्लाई टाई-अप हैं और सभी ब्रांडों की मशीनों की मरम्मत करते हैं। स्क्रू कंप्रेसर में इनलेट वाल्व, मिनिमम प्रेशर वाल्व, थर्मोस्टैटिक वाल्व, सेपरेटर, एयरएंड – हर ब्रांड में यही पुर्ज़े, यही समस्याएँ। पिस्टन कंप्रेसर में वाल्व प्लेट, रिंग, अनलोडर, प्रेशर स्विच। डीज़ल पोर्टेबल में इंजन, रेडिएटर और कंप्रेसर दोनों। ऑयल-फ़्री कंप्रेसर, मेडिकल एयर प्लांट, ड्रायर और फ़िल्टर भी देखते हैं। आपकी मशीन का ब्रांड हमारे लिए नया हो तो भी ठीक है – नेमप्लेट भेजिए, पुर्ज़ों के नंबर से सही पार्ट पहचान लेंगे।
हैदराबाद का मौसम और कंप्रेसर
अप्रैल-मई में हैदराबाद के शेड के अंदर 45 डिग्री से ऊपर तापमान होता है। ऑयल कूलर पर धूल जमी हो, थर्मोस्टैटिक वाल्व ठीक से न खुले, कमरे से गरम हवा बाहर न निकले – तो कंप्रेसर दोपहर में ट्रिप होगा। यह मशीन की ख़राबी नहीं है; कूलर की सफ़ाई, वाल्व की जाँच और वेंटिलेशन ठीक करने से हल हो जाता है। बरसात में हवा में नमी बढ़ती है, ड्रायर की क्षमता कम पड़ती है, ड्रेन काम नहीं करते और एयर लाइन में पानी आता है – पेंट के दाग़ और राइस मिल के सॉर्टर की ग़लतियाँ इसी से होती हैं। राइस मिल में भूसी की धूल, ग्रेनाइट यार्ड में पत्थर की धूल, वर्कशॉप में वेल्डिंग का धुआँ – ये सब फ़िल्टर को मैनुअल में लिखे समय से बहुत पहले जाम कर देते हैं।
मरम्मत का ख़र्च, और जो हम नहीं करते
हर मरम्मत अलग होती है, इसलिए फ़ोन पर अंदाज़न दाम नहीं बताते – नेमप्लेट, समस्या और साइट पर जाँच के बाद सही कोटेशन देते हैं। जो हम नहीं करते: बिना ज़रूरत पुर्ज़े बदलना; पुरानी मशीन में मरम्मत से बेहतर बदलना हो तो यह बात छिपाना; अस्थायी तौर पर चलाकर छोड़ देना। जिस मशीन का एयरएंड ख़राब हो उस पर किट लगाना पैसे को दो बार खोना है – ऐसे में पहले जाँच, फिर फ़ैसला, यह साफ़ कहते हैं।
एक उदाहरण: वर्कशॉप का स्क्रू कंप्रेसर
जीडीमेटला की एक फ़ैब्रिकेशन वर्कशॉप ने फ़ोन किया कि उनका 22 kW स्क्रू कंप्रेसर दोपहर 2 बजे के बाद गरम होकर ट्रिप हो जाता है। नेमप्लेट और कंट्रोलर की फ़ोटो में डिस्चार्ज तापमान 105 डिग्री पार कर रहा था। सर्विस इंजीनियर थर्मोस्टैटिक एलिमेंट, कूलर साफ़ करने का सामान और एयर फ़िल्टर लेकर गए। साइट पर मिला: ऑयल कूलर पर वेल्डिंग की धूल की परत, थर्मोस्टैटिक एलिमेंट देर से खुल रहा था, और कंप्रेसर शेड के कोने में था जहाँ गरम हवा निकलने का रास्ता नहीं था। कूलर साफ़ किया, एलिमेंट और फ़िल्टर बदले, दीवार पर एक एग्ज़ॉस्ट फ़ैन लगाने की सलाह दी, और दो घंटे लोड पर टेस्ट किया – डिस्चार्ज तापमान 88 डिग्री पर स्थिर रहा। एक विज़िट, दो छोटे पुर्ज़े; मशीन को कोई नुक़सान नहीं। यही समस्या एक महीना और छोड़ी जाती तो एयरएंड के बेयरिंग चले जाते।
एएमसी – अगला ब्रेकडाउन न हो
एक बार मरम्मत के बाद ज़्यादातर ग्राहक वार्षिक रखरखाव अनुबंध ले लेते हैं। घंटों के हिसाब से सर्विस कैलेंडर, सर्विस इंजीनियर का किट लेकर आना, ड्रायर, फ़िल्टर, ड्रेन की भी जाँच, रिकॉर्ड रखना – तीन अचानक विज़िट दो तय विज़िट में बदल जाती हैं। विवरण एएमसी पेज (अंग्रेज़ी) पर।
हमें क्या भेजें
- कंप्रेसर की नेमप्लेट की फ़ोटो (मॉडल, सीरियल नंबर दिखे)
- कंट्रोलर डिस्प्ले या फ़ॉल्ट कोड की फ़ोटो; पिस्टन मशीन हो तो गेज की फ़ोटो
- समस्या क्या है, कब से है, किस समय होती है
- पिछली सर्विस कब हुई, क्या बदला गया (पता हो तो)
- मशीन कहाँ है – इंडस्ट्रियल एरिया, शहर, लैंडमार्क
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या सभी ब्रांड रिपेयर करते हैं?
हाँ। स्क्रू, पिस्टन, ऑयल-फ़्री, पोर्टेबल डीज़ल – सभी प्रमुख ब्रांड। नेमप्लेट भेजिए, बस।
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Short explainers on this topic
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क्या आज ही आ सकते हैं?
हैदराबाद के भीतर अक्सर उसी दिन संभव होता है, पर वादा नहीं करते। अहम बात यह है कि सर्विस इंजीनियर सही पुर्ज़ों के साथ आए – इसीलिए पहले फ़ोटो माँगते हैं।
मोटर और इंजन भी रिपेयर करते हैं?
हाँ। मोटर ओवरलोड, कॉन्टैक्टर, रीवाइंडिंग; डीज़ल इंजन की सर्विस और रीबिल्ड – कंप्रेसर के साथ देखते हैं।
मरम्मत के दौरान उत्पादन न रुके, इसके लिए मशीन देते हैं?
हमारे फ़्लीट से किराए का कंप्रेसर लगाया जा सकता है – एयरएंड ओवरहॉल जैसे वर्कशॉप के कामों में यह आम व्यवस्था है। किराया पेज देखिए।
क्या पुराना कंप्रेसर रिपेयर कराना सही है?
मशीन के घंटे, एयरएंड की हालत और मरम्मत का ख़र्च देखकर ईमानदारी से बताते हैं। कभी-कभी मरम्मत से बेहतर टेस्ट की हुई सेकंड हैंड मशीन होती है – तब वही कहते हैं।
ड्रायर और फ़िल्टर भी देखते हैं?
हाँ। हवा में पानी और तेल की समस्या की वजह अक्सर ड्रायर और ड्रेन होते हैं; हर विज़िट में उन्हें भी देखते हैं।
क्या हैदराबाद के बाहर आते हैं?
हाँ – तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में हर जगह। दूरी ज़्यादा हो तो पहले फ़ोटो देखकर पुर्ज़ों के साथ आते हैं; विज़िट आपसे बात करके तय होती है।
क्या फ़ोन पर ही समस्या बता सकते हैं?
अक्सर हाँ – नेमप्लेट, फ़ॉल्ट कोड और समस्या का विवरण देखकर सर्विस इंजीनियर बताते हैं कि क्या हो सकता है और कौन-से पुर्ज़े लगेंगे। पक्की पुष्टि साइट पर लोड पर देखने के बाद ही।
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Technical content reviewed by D. Srinivas Reddy, Managing Partner and service engineer, Reddy Compressors. Last updated 4 November 2026. How our engineering content is reviewed.