कंप्रेसर का साइज़ रिग की क्षमता से नहीं – हैमर, बोर और पानी से तय होता है
रिग “1,000 फ़ीट करती है” – इसका मतलब यह नहीं कि कंप्रेसर काफ़ी है। कंप्रेसर को क्या चाहिए, यह तीन बातें बताती हैं:
| बात | यह क्या तय करती है | उदाहरण |
|---|---|---|
| हैमर का साइज़ (4, 5, 6, 6.5, 8 इंच) | हैमर को ज़रूरी प्रेशर और हवा | 6.5 इंच हैमर के लिए लगभग 17–20 बार, 700–1,100 cfm |
| बोर की गहराई, पानी का कॉलम | बोर में जितना पानी खड़ा होता है, उतना प्रेशर हैमर तक पहुँचने से पहले खप जाता है – हर 100 फ़ीट पानी के कॉलम पर लगभग 3 बार | 400 फ़ीट का पानी का कॉलम 12 बार खा जाता है; 25 बार की मशीन में हैमर के लिए सिर्फ़ 13 बार बचता है |
| बोर का व्यास, ड्रिल पाइप का साइज़ | कटिंग और पानी ऊपर लाने के लिए ज़रूरी हवा की रफ़्तार (एन्युलर वेलोसिटी) | 6.5 इंच बोर में 4.5 इंच पाइप के साथ लगभग 900 cfm से ऊपर चाहिए |
इसीलिए नलगोंडा, कुरनूल, महबूबनगर जैसे गहरे बोर वाले ज़िलों में 25 बार की मशीन कम पड़ती है और बूस्टर चाहिए होता है – जो कंप्रेसर के 25 बार को 35–40 बार तक बढ़ा देता है। “बड़ा कंप्रेसर ख़रीदना है” बहुत लोग सोचते हैं; असल में चाहिए ज़्यादा प्रेशर, और वह बूस्टर देता है। अपने हैमर का साइज़, सामान्य गहराई और पानी किस गहराई पर मिलता है – बताइए, कंप्रेसर-बूस्टर की जोड़ी का हिसाब हम निकालकर देंगे।
उत्तर भारत से आए ड्रिलर के लिए: दक्कन की ज़मीन अलग है
पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जलोढ़ मिट्टी में रोटरी या छोटे डीटीएच से 200–300 फ़ीट में पानी मिल जाता है। तेलंगाना और रायलसीमा की कठोर ग्रेनाइट चट्टान में बोर 600, 800, 1,000 फ़ीट जाते हैं, पानी नीचे मिलता है और पानी का कॉलम प्रेशर खा जाता है। वहाँ जो 20 बार की मशीन काफ़ी थी, यहाँ 25 बार भी कम पड़ती है और बूस्टर की ज़रूरत होती है। यहाँ की धूल इनटेक फ़िल्टर मैनुअल के समय से बहुत पहले भर देती है, और अप्रैल-मई की 44 डिग्री गर्मी इंजन और एयरएंड दोनों की ताक़त घटा देती है। बाहर से आई रिग के लिए पहली बात यही है: मशीन को यहाँ के सबसे गहरे बोर और सबसे गरम महीने के हिसाब से आँकें – हम यह जाँच साइट पर करते हैं।
गर्मी में मशीन कमज़ोर क्यों पड़ती है
नवंबर में 25 m³/min देने वाली मशीन अप्रैल में 22 देती है – डीज़ल इंजन गर्मी में ताक़त खोता है, एयरएंड का तेल गरम होकर क्षमता घटाता है। उसी समय जलस्तर गिरता है और बोर गहरे होते हैं। इसलिए कंप्रेसर नवंबर के बोर के लिए नहीं, अप्रैल के बोर के लिए चुनें – गर्मी के मार्जिन के साथ। अंग्रेज़ी साइट पर ड्रिलिंग सीज़न चेकलिस्ट महीने-दर-महीने यह समझाती है।
नया कंप्रेसर ख़रीदना
सभी प्रमुख ब्रांडों के साथ हमारे सप्लाई टाई-अप हैं; हम किसी एक ब्रांड के अधिकृत डीलर नहीं हैं, इसलिए आपके हैमर, बोर की गहराई, ज़िले की गर्मी और धूल के हिसाब से कौन-सी मशीन ठीक है, यह ब्रांडों की असली तुलना के साथ बताते हैं – प्रेशर मार्जिन, गर्मी में रेटिंग, डीज़ल की खपत (एक सीज़न का डीज़ल मशीन के दाम से ज़्यादा होता है), धूल के लिए मशीन की बनावट। डिलीवरी, रिग पर कमीशनिंग, ऑपरेटर को समझाना हमारे सर्विस इंजीनियर करते हैं। पूरे भारत में सप्लाई।
टेस्ट किए हुए सेकंड हैंड रिग कंप्रेसर
हमारे सिकंदराबाद यार्ड में लोड पर टेस्ट किए हुए सेकंड हैंड और रीफ़र्बिश्ड रिग कंप्रेसर होते हैं – टेस्ट शीट में प्रेशर और डिलीवरी नापकर साफ़ लिखते हैं कि किस गहराई के बोर के लिए ठीक है। नाकाफ़ी मशीन नहीं बेचते। रीफ़र्बिश्ड मशीनों पर छह महीने की वारंटी। विवरण सेकंड हैंड कंप्रेसर पेज पर।
किराया – सीज़न के लिए, दूसरी रिग के लिए, ओवरहॉल के समय
हमारे फ़्लीट से हाई प्रेशर कंप्रेसर और बूस्टर महीने के हिसाब से किराए पर। सीज़न शुरू होने से पहले (अक्टूबर में) बुक करें – फ़्लीट जल्दी भर जाता है। हैमर का साइज़ और सीज़न के सबसे गहरे बोर बताइए, उसी के लिए मशीन देंगे। डीज़ल आपका; 300 घंटे की सर्विस किराए में हम करते हैं; ऑपरेटर चाहें तो देते हैं। किराया पेज देखिए।
सर्विस, रिपेयर, ओवरहॉल
| समस्या | पहले हमें क्या चाहिए | क्या होता है |
|---|---|---|
| हैमर गहराई में रुक जाता है, प्रेशर नहीं बनता | नेमप्लेट, घंटे, लोड पर गेज रीडिंग, हैमर का साइज़, गहराई, जलस्तर | अक्सर यह मरम्मत नहीं, साइज़िंग की समस्या है – बूस्टर चाहिए या नहीं, हिसाब बताते हैं; मशीन की ख़राबी हो तो सर्विस इंजीनियर फ़िल्टर और वाल्व लेकर रिग पर ही टेस्ट करते हैं |
| दोपहर में गरम होकर ट्रिप | कूलर, फ़िल्टर की फ़ोटो, गेज रीडिंग | ज़्यादातर रेडिएटर/कूलर की धूल, थर्मोस्टैटिक एलिमेंट, ऑयल – साइट पर |
| इंजन में धुआँ, ताक़त कम | इंजन प्लेट, घंटे, धुएँ का रंग | फ़िल्टर, इंजेक्टर साइट पर; इंजन रीबिल्ड वर्कशॉप में |
| एयरएंड की आवाज़, तेल सलेटी | घंटे, आवाज़ का विवरण, तेल की फ़ोटो | एयरएंड हमारी वर्कशॉप में रीबिल्ड/एक्सचेंज; इस बीच किराए की मशीन |
| बूस्टर प्रेशर नहीं बढ़ाता | बूस्टर नेमप्लेट, इनलेट/आउटलेट प्रेशर | वाल्व, सील सर्विस |
300 किलोमीटर दूर रिग पर एक अचानक विज़िट पूरे दिन का काम है; इसीलिए सीज़न से पहले जाँच, रिग पर सीज़न की स्पेयर किट और एएमसी – ये तीनों रिग मालिक का पैसा बचाते हैं।
सीज़न से पहले की जाँच – अक्टूबर में
सीज़न शुरू होने से पहले हमारे सर्विस इंजीनियर आपके यार्ड या साइट पर रिग कंप्रेसर को पूरी तरह देखते हैं: इंजन का कोल्ड स्टार्ट, धुआँ, रेडिएटर; एयरएंड की आवाज़, डिस्चार्ज तापमान; ऑयल, सेपरेटर, थर्मोस्टैटिक एलिमेंट; कूलर; इनटेक फ़िल्टर; इनलेट, रेगुलेटर, मिनिमम प्रेशर, सेफ़्टी वाल्व; शटडाउन टेस्ट (हाई तापमान, लो ऑयल प्रेशर – यह ज़रूर); गेज; होज़, कपलिंग, व्हिप चेक; बूस्टर; टायर, हिच; अंत में पंप-अप टेस्ट से असली डिलीवरी की नाप – यही सीज़न की बेसलाइन है। क्या अभी करना है, क्या टल सकता है – रिपोर्ट देते हैं।
रिग पर रखने की सीज़न स्पेयर किट
- सीज़न भर के इनटेक फ़िल्टर एलिमेंट – संख्या अक्टूबर के फ़िल्टर की हालत देखकर तय करें, मैनुअल देखकर नहीं
- इंजन ऑयल, एयर, फ़्यूल फ़िल्टर, इंजन ऑयल
- एक बदलाव का कंप्रेसर ऑयल, सेपरेटर एलिमेंट
- पंखे और ड्राइव की बेल्ट; थर्मोस्टैटिक एलिमेंट
- रेगुलेटर और मिनिमम प्रेशर वाल्व की रिपेयर किट; शटडाउन सेंसर; प्रेशर गेज
- होज़ कपलिंग, क्लैंप, व्हिप चेक; बूस्टर हो तो वाल्व किट, सील
नेमप्लेट और पुर्ज़ों की फ़ोटो से सही नंबर पहचानते हैं – स्पेयर पार्ट्स पेज।
एक उदाहरण: देवरकोंडा के पास 800 फ़ीट के बोर
एक ड्रिलर 6.5 इंच हैमर के साथ 25 बार, 24 m³/min के कंप्रेसर पर काम कर रहा था; बोर में पानी मिलने के बाद 550 फ़ीट से नीचे हैमर धीमा होकर रुक जाता था। हैमर को लगभग 20 बार चाहिए; 800 फ़ीट के बोर में 400 फ़ीट का पानी का कॉलम 12 बार खाता है; होज़ और हैमर के नुक़सान निकालकर 25 बार की मशीन में कुछ नहीं बचता, गर्मी में और भी कम। हल बड़ा कंप्रेसर नहीं था – 25 बार को 35–40 बार करने वाला बूस्टर, और साथ में यह जाँच कि कंप्रेसर के 24 m³/min कटिंग ऊपर लाने के लिए काफ़ी हैं या नहीं, एन्युलर वेलोसिटी का हिसाब (काफ़ी थे)। बूस्टर सप्लाई किया, हैमर की सीमा पर अनलोडिंग प्रेशर सेट किया, दोनों मशीनों को एएमसी में रखा। रिग अब उस ज़िले के गहरे बोर बिना रुके पूरे करती है।
हमें क्या भेजें
- कंप्रेसर की नेमप्लेट, इंजन प्लेट, आवर मीटर की फ़ोटो
- हैमर का साइज़; सामान्य बोर की गहराई, सीज़न का सबसे गहरा बोर; पानी किस गहराई पर
- किन ज़िलों में काम करते हैं; रिग बाहर के राज्य से आई हो तो कहाँ से
- समस्या हो तो: लोड पर गेज रीडिंग, कब होती है
- किराया हो तो: कितने महीने, कब से, ऑपरेटर चाहिए या नहीं
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हैमर गहराई में रुक जाता है – बड़ा कंप्रेसर ख़रीदूँ?
अक्सर नहीं; चाहिए हैमर पर ज़्यादा प्रेशर, जो बूस्टर देता है। हैमर का साइज़, गहराई और जलस्तर बताइए – हिसाब निकालकर बताएँगे।
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1,000 फ़ीट के बोर के लिए कितना प्रेशर चाहिए?
गहरे पानी के कॉलम के साथ कंप्रेसर पर 30 बार से ऊपर, और अक्सर बूस्टर के साथ 40 बार। सिर्फ़ गहराई नहीं, पानी का कॉलम तय करता है।
क्या किसी भी ब्रांड का रिग कंप्रेसर सर्विस करते हैं?
हाँ – सभी प्रमुख ब्रांडों के कंप्रेसर और बूस्टर; स्पेयर भी।
पूरे सीज़न के लिए कंप्रेसर किराए पर मिलेगा?
हाँ – हमारे फ़्लीट से, महीने के हिसाब से, आपके हैमर और सबसे गहरे बोर के लिए सही। अक्टूबर में ही बुक करें।
सेकंड हैंड रिग कंप्रेसर ले सकते हैं?
लोड पर टेस्ट करके, किस गहराई के लिए ठीक है यह टेस्ट शीट में लिखकर दें – तो हाँ। आपकी गहराई के लिए नाकाफ़ी मशीन नहीं बेचते।
हमारी रिग दूसरे राज्य से आई है – यहाँ का कंप्रेसर चल जाएगा?
पहले जाँच: यहाँ के सबसे गहरे बोर और गर्मी के हिसाब से मशीन का प्रेशर मार्जिन देखते हैं। कम पड़े तो बूस्टर या सही मशीन – किराए पर या ख़रीद कर।
सीज़न से पहले की जाँच कब करवाएँ?
अक्टूबर या नवंबर में – जब बेंच ठंडी हो और पंप-अप टेस्ट सही बेसलाइन दे, और फ़्लीट, सर्विस इंजीनियर सीज़न में व्यस्त होने से पहले।
क्या हैदराबाद के बाहर रिग तक आते हैं?
हाँ – तेलंगाना, आंध्र प्रदेश में हर जगह। दूरी ज़्यादा हो तो पहले फ़ोटो देखकर सही पुर्ज़ों के साथ आते हैं; विज़िट आपसे बात करके तय होती है।
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Technical content reviewed by D. Srinivas Reddy, Managing Partner and service engineer, Reddy Compressors. Last updated 4 November 2026. How our engineering content is reviewed.