कैसे काम करता है
ट्रैक्टर के पीछे का पीटीओ शाफ़्ट (आमतौर पर 540 rpm) गार्ड लगे यूनिवर्सल जॉइंट शाफ़्ट से कंप्रेसर से जुड़ता है; बेल्ट-पुली या गियरबॉक्स से रफ़्तार बढ़ाकर दो या तीन सिलिंडर का एयर-कूल्ड पिस्टन कंप्रेसर चलता है। रिसीवर टैंक में प्रेशर भरते ही अनलोडर सक्शन वाल्व खुले रखता है – कंप्रेसर घूमता है पर हवा नहीं भरता, ट्रैक्टर हल्के लोड पर चलता है; टूल इस्तेमाल होते ही फिर भरता है। थ्री-पॉइंट लिंकेज पर माउंट किए हुए, और दो पहिए की ट्रॉली पर ट्रैक्टर के पीछे खींचे जाने वाले – दोनों तरह के होते हैं।
अहम नियम: इंजन की रफ़्तार टैकोमीटर में पीटीओ की रेटेड रफ़्तार पर रखें। कम रफ़्तार पर हवा कम; ज़्यादा रफ़्तार पर कंप्रेसर और वाल्व ख़राब।
सामान्य स्पेसिफ़िकेशन
| मद | सामान्य रेंज | आपके लिए मतलब |
|---|---|---|
| हवा की डिलीवरी (FAD) | लगभग 100–140 cfm (2.8–4 m³/min) | एक हैंड रॉक ड्रिल, या टूल के हिसाब से एक-दो ब्रेकर |
| वर्किंग प्रेशर | 7–10 बार | ब्रेकर और रॉक ड्रिल टूल पर 6–7 बार के लिए रेटेड होते हैं |
| कंप्रेसर | दो या तीन सिलिंडर रेसिप्रोकेटिंग, एयर-कूल्ड | वाल्व प्लेट, रिंग सर्विस पार्ट्स |
| ज़रूरी ट्रैक्टर | 35–60 hp, 540 rpm पीटीओ | छोटे ट्रैक्टर के लिए छोटा कंप्रेसर; ताक़त कम पड़े तो हवा और ट्रैक्टर दोनों परेशान |
| रिसीवर | सेफ़्टी वाल्व, गेज, ड्रेन के साथ | रोज़ पानी निकालें |
| आउटलेट | होज़ के लिए मैनिफ़ोल्ड | 3/4 या 1 इंच होज़, व्हिप चेक के साथ |
किस काम के लिए ठीक, किसके लिए नहीं
| ठीक | नहीं |
|---|---|
| रॉक ड्रिल से ब्लास्ट होल (छोटी खदान, खेत के पत्थर) | डीटीएच हैमर से बोरवेल ड्रिलिंग – इसके लिए 17 बार से ऊपर, 600 cfm से ऊपर चाहिए |
| एक-दो ब्रेकर से पत्थर, कंक्रीट तोड़ना | तीन-चार ब्रेकर एक साथ |
| नहर, सड़क, ट्रेंचिंग, गाँव के ठेके का काम | बड़े नोज़ल से सैंड ब्लास्टिंग (250 cfm से ऊपर) |
| पुराने बोर की सफ़ाई, री-डेवलपमेंट (कम गहराई) | फ़ैक्टरी की प्रोडक्शन हवा – दिन भर लगातार |
| ऑफ़-सीज़न में ट्रैक्टर से अतिरिक्त कमाई | जहाँ ड्रायर वाली सूखी हवा चाहिए (पेंटिंग) |
काम डीटीएच बोरवेल ड्रिलिंग हो तो बोरवेल कंप्रेसर पेज देखिए; फ़ैक्टरी की हवा हो तो रेसिप्रोकेटिंग कंप्रेसर या स्क्रू कंप्रेसर सही है।
ख़रीदना
अपने ट्रैक्टर का hp, पीटीओ की रफ़्तार और कौन-से टूल चलाने हैं – बताइए, सही साइज़ का कंप्रेसर और माउंटेड या ट्रॉली में क्या आपके लिए ठीक है, हम बताएँगे। हम सभी प्रमुख ब्रांडों के साथ सप्लाई टाई-अप वाली, किसी एक ब्रांड के अधिकृत डीलर न होने वाली कंपनी हैं – आपके काम के लिए जो सही हो, वही सुझाते हैं। डिलीवरी, ट्रैक्टर से जोड़कर टेस्ट, ऑपरेटर को समझाना हमारे सर्विस इंजीनियर करते हैं। यार्ड में टेस्ट किए हुए सेकंड हैंड ट्रैक्टर कंप्रेसर भी कभी-कभी होते हैं – फ़ोन करके पूछिए। दूसरे राज्यों में ट्रांसपोर्ट से सप्लाई।
सर्विस, स्पेयर
ट्रैक्टर कंप्रेसर की सर्विस आसान है, पर बार-बार करनी होती है – धूल और धूप में काम करता है।
| कब | क्या |
|---|---|
| रोज़ | रिसीवर ड्रेन, तेल का लेवल, बेल्ट की कसावट, पीटीओ गार्ड, होज़ देखना |
| हर 50 घंटे / हफ़्ते में | एयर फ़िल्टर की सफ़ाई (धूल में रोज़), सिलिंडर फ़िन की सफ़ाई |
| हर 200–300 घंटे | तेल बदलना, एयर फ़िल्टर बदलना, बेल्ट देखना, पुली अलाइनमेंट |
| हर 1,000–2,000 घंटे | वाल्व प्लेट, स्प्रिंग, हेड गैस्केट, अनलोडर सर्विस, सेफ़्टी वाल्व टेस्ट |
| हर 3,000–4,000 घंटे | पिस्टन रिंग, रिस्ट पिन बुश, क्रैंक बेयरिंग, यूनिवर्सल जॉइंट |
आम समस्याएँ: प्रेशर धीरे बनना (वाल्व प्लेट घिसी, रिंग, फ़िल्टर जाम), हवा में तेल ज़्यादा (रिंग, तेल का लेवल ज़्यादा), गरम होना (फ़िन में धूल, तेल कम, ओवरस्पीड), अनलोडर काम न करना (रिसीवर भरने पर भी भरता रहे और सेफ़्टी वाल्व उठे), बेल्ट स्लिप, पीटीओ शाफ़्ट का कंपन। वाल्व किट, रिंग सेट, गैस्केट, अनलोडर किट, फ़िल्टर, बेल्ट, यूनिवर्सल जॉइंट, सेफ़्टी वाल्व, गेज – सभी ब्रांडों के लिए सप्लाई करते हैं; नेमप्लेट और पुर्ज़े की फ़ोटो भेजिए।
सुरक्षा – यह ज़रूर पढ़ें
- पीटीओ शाफ़्ट बिना गार्ड के कभी न चलाएँ। घूमता पीटीओ शाफ़्ट कपड़े और हाथ खींच लेता है – हर साल हादसे होते हैं।
- कंप्रेसर जोड़ना-खोलना ट्रैक्टर बंद करके, पीटीओ डिसएंगेज करके, ब्रेक लगाकर ही।
- हर होज़ जॉइंट पर व्हिप चेक (होज़ निकल जाए तो मारे नहीं)। प्रेशर में होज़ कपलिंग न खोलें।
- सेफ़्टी वाल्व महीने में एक बार जाँचें; रिसीवर में जंग, डेंट देखें।
- ढलान पर ट्रैक्टर खड़ा करें तो पहियों में स्टॉपर लगाएँ।
एक उदाहरण: गाँव के ठेके के काम के लिए
महबूबनगर ज़िले के एक किसान अपने 50 hp ट्रैक्टर से ऑफ़-सीज़न में पत्थर तोड़ने और नहर के काम के ठेके लेना चाहते थे। काम: एक रॉक ड्रिल से ब्लास्ट होल, या दो ब्रेकर। 130 cfm, 8 बार का ट्रॉली टाइप कंप्रेसर सुझाया – ट्रॉली हो तो ट्रैक्टर दूसरे कामों में भी चलता है, लिंकेज पर वज़न नहीं रहता। डिलीवर करके ट्रैक्टर से जोड़ा, पीटीओ की रेटेड रफ़्तार पर टैकोमीटर की रीडिंग उन्हें दिखाई, रॉक ड्रिल से टेस्ट किया। रोज़ ड्रेन, हफ़्ते में फ़िल्टर की सफ़ाई, 250 घंटे पर तेल – ये तीन बातें मानें तो मशीन बरसों चलेगी, यह बताया; तेल, फ़िल्टर और एक वाल्व किट रिग पर रखने को कहा।
हमें क्या भेजें
- ट्रैक्टर का hp, मॉडल, पीटीओ की रफ़्तार (540 / 1,000)
- कौन-से टूल चलाने हैं (रॉक ड्रिल, ब्रेकर – कितने), कौन-से काम
- माउंटेड चाहिए या ट्रॉली
- मौजूदा कंप्रेसर की सर्विस हो तो: नेमप्लेट, कंप्रेसर की फ़ोटो, समस्या
- आपका गाँव, ज़िला, राज्य
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ट्रैक्टर कंप्रेसर से बोरवेल कर सकते हैं?
डीटीएच हैमर से गहरा बोरवेल नहीं – उसके लिए 17 बार से ऊपर, 600 cfm से ऊपर चाहिए। कम गहराई के बोर की सफ़ाई, री-डेवलपमेंट और रॉक ड्रिल से ब्लास्ट होल के लिए ठीक है।
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कितने hp का ट्रैक्टर चाहिए?
100–140 cfm के कंप्रेसर के लिए आमतौर पर 35–60 hp। अपने ट्रैक्टर का मॉडल बताइए, सही साइज़ बताएँगे।
माउंटेड बेहतर या ट्रॉली?
ट्रैक्टर दूसरे कामों में भी चलाना हो, साइट पर कंप्रेसर एक जगह रखकर ट्रैक्टर घुमाना हो – ट्रॉली। हमेशा कंप्रेसर का ही काम हो, बिना सड़क की जगहों पर जाना हो – माउंटेड।
दो ब्रेकर एक साथ चलेंगे?
छोटे ब्रेकर (50–60 cfm प्रति ब्रेकर) हों तो 130–140 cfm की मशीन से चलेंगे; बड़े ब्रेकर हों तो एक। टूल का मॉडल बताइए, पक्का बताएँगे।
सभी ब्रांडों के ट्रैक्टर कंप्रेसर सर्विस करते हैं?
हाँ – वाल्व, रिंग, गैस्केट, अनलोडर, बेल्ट, यूनिवर्सल जॉइंट के स्पेयर सहित। नेमप्लेट भेजिए।
किराए पर देते हैं?
हमारा किराए का फ़्लीट मुख्यतः डीज़ल पोर्टेबल और इलेक्ट्रिक स्क्रू कंप्रेसर का है। छोटे काम के लिए छोटा डीज़ल पोर्टेबल किराए पर दे सकते हैं; ज़रूरत बताइए, जो ठीक हो बताएँगे।
धूप में गरम हो रहा है – क्या करें?
सिलिंडर फ़िन और पंखे की धूल साफ़ करें, तेल का लेवल देखें, पीटीओ की रफ़्तार रेटेड से ज़्यादा न हो यह देखें, कंप्रेसर को छाँव में हवादार जगह रखें। फिर भी गरम हो तो वाल्व लीक हो सकते हैं – फ़ोन करें।
दाम कितना?
साइज़, माउंटेड/ट्रॉली, ब्रांड पर निर्भर। ट्रैक्टर का hp और काम बताइए, कोटेशन देंगे।
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Technical content reviewed by D. Srinivas Reddy, Managing Partner and service engineer, Reddy Compressors. Last updated 4 November 2026. How our engineering content is reviewed.