सेकंड हैंड क्या है, रीफ़र्बिश्ड क्या है
| सेकंड हैंड (यूज़्ड, जैसी है वैसी) | रीफ़र्बिश्ड | |
|---|---|---|
| हम क्या करते हैं | यार्ड में जाँच, लोड पर टेस्ट, जाँच रिपोर्ट | पूरी या आंशिक रीबिल्ड: एयरएंड/इंजन जितना ज़रूरी, सेपरेटर, फ़िल्टर, ऑयल, वाल्व किट, थर्मोस्टैटिक एलिमेंट, बेल्ट, कूलर की सफ़ाई, सेंसर, कंट्रोलर की जाँच |
| टेस्ट | लोड पर चलाकर प्रेशर, डिलीवरी, तापमान | वही, और रीबिल्ड के बाद पूरी टेस्ट शीट |
| वारंटी | नहीं – जाँच रिपोर्ट के साथ जैसी है वैसी | पूरे कंप्रेसर पर छह महीने (डिलीवरी या इनवॉइस की तारीख़ से) |
| वारंटी में क्या नहीं | – | रबर और प्लास्टिक के पुर्ज़े, कंज़्यूमेबल (फ़िल्टर, ऑयल), ग़लत डीज़ल/ऑयल से नुक़सान, ओवरलोड, हमारी अनुमति के बिना बाहर मरम्मत |
| किसके लिए | जानी-पहचानी मशीन, कम बजट, अपना मैकेनिक | जिनका उत्पादन नहीं रुक सकता, पहली बार ख़रीदने वाले |
फ़ोटो देखकर ख़रीदना बनाम यार्ड में देखकर ख़रीदना
ऑनलाइन लिस्टिंग में आपको दिखता है – एक फ़ोटो, एक दाम, एक वादा। जो नहीं दिखता: रीसेट किया हुआ आवर मीटर, लोड पर सीटी बजाता एयरएंड, साल भर से तेल पास करता सेपरेटर, ठंडा तो ठीक स्टार्ट होता पर गरम होते ही ताक़त खोता इंजन, पुराने तेल से कूलर के अंदर जमा वार्निश। हमारे यार्ड में हर मशीन ऐसे देखी जाती है:
- लोड पर कम से कम एक घंटा चलाकर डिस्चार्ज तापमान, प्रेशर, लोड/अनलोड
- पंप-अप टेस्ट से असली डिलीवरी (cfm) नापना – नेमप्लेट से तुलना
- एयरएंड की आवाज़, कंपन; शक हो तो ऑयल एनालिसिस
- सेपरेटर डिफ़रेंशियल, तेल की हालत, कूलर की हालत
- डीज़ल मशीन हो तो इंजन का कोल्ड स्टार्ट, धुआँ, ऑयल प्रेशर, रेडिएटर, बैटरी, अंडरकैरिज, टायर, हिच
- कंट्रोलर, सेंसर, सेफ़्टी वाल्व, शटडाउन काम कर रहे हैं या नहीं
यह सब टेस्ट शीट में लिखकर मशीन के साथ देते हैं। आप यार्ड आकर मशीन चलती हुई देख सकते हैं; अपना मैकेनिक साथ ला सकते हैं। दूसरे राज्य से ख़रीद रहे हों तो टेस्ट शीट पहले भेज देते हैं, और डिलीवरी ट्रांसपोर्ट से।
कौन-सी मशीनें होती हैं
यार्ड का स्टॉक हर हफ़्ते बदलता है, इसलिए “यह उपलब्ध है” वेबसाइट पर नहीं लिखते – फ़ोन करने पर बताते हैं इस हफ़्ते क्या है। आमतौर पर:
| प्रकार | रेंज | कौन ख़रीदता है |
|---|---|---|
| डीज़ल पोर्टेबल स्क्रू – हाई प्रेशर | 600–1,200 cfm, 17–35 बार | रिग मालिक, खदानें; टेस्ट शीट में साफ़ लिखते हैं कि किस गहराई के बोर के लिए ठीक है |
| डीज़ल पोर्टेबल स्क्रू – लो प्रेशर | 100–750 cfm, 7–10 बार | कंस्ट्रक्शन, ब्लास्टिंग, पेंटिंग ठेकेदार |
| इलेक्ट्रिक स्क्रू | 7.5–160 kW, 7–13 बार | फ़ैक्टरी, राइस मिल, वर्कशॉप, कोल्ड स्टोरेज |
| पिस्टन (रेसिप्रोकेटिंग) | 1–30 hp, सिंगल/टू-स्टेज, रिसीवर के साथ | गैरेज, टायर की दुकानें, छोटी वर्कशॉप, ईंट भट्ठे |
| ऑयल-फ़्री, ड्रायर, रिसीवर | विविध | लैब, डेंटल, फ़ूड यूनिट; कंप्रेसर के साथ ख़रीदने वाले |
आपके काम के लिए कौन-सी सही – हम बताते हैं
बहुत से लोग “सबसे बड़ी, सबसे सस्ती” ढूँढते हैं; सही वह है जो आपके काम पर फ़िट बैठे। वर्कशॉप के लिए 24 घंटे चलने वाली पिस्टन मशीन ग़लत; राइस मिल के सॉर्टर के लिए बिना ड्रायर का कंप्रेसर ग़लत; 700 फ़ीट के बोर के लिए 25 बार की मशीन नाकाफ़ी। अपने टूल, अपने घंटे, अपने बोर की गहराई बताइए – यार्ड में जो है उसमें क्या फ़िट है, क्या नहीं, ईमानदारी से बताएँगे; फ़िट न हो तो वह भी बताएँगे। हम किसी ब्रांड के अधिकृत डीलर नहीं हैं; हर ब्रांड की मशीन एक ही तरीक़े से टेस्ट करते हैं।
एक उदाहरण: ट्रक टायर की दुकान के लिए
आटोनगर की एक ट्रक टायर की दुकान 3 hp सिंगल-स्टेज कंप्रेसर 200 लीटर रिसीवर पर चला रही थी; बड़ा टायर भरते समय प्रेशर गिर जाता था और कंप्रेसर दिन भर बंद नहीं होता था। बड़ा ट्रक टायर भरने में एक साथ बहुत हवा लगती है, फिर कुछ देर कुछ नहीं – यह कंप्रेसर के साइज़ से ज़्यादा रिसीवर के साइज़ की समस्या थी। हमने यार्ड से 5 hp टू-स्टेज बेल्ट ड्राइव रीफ़र्बिश्ड कंप्रेसर 500 लीटर रिसीवर के साथ सुझाया – टेस्ट शीट और छह महीने की वारंटी के साथ। बड़ा रिसीवर टायर भरने का पीक झेलता है, कंप्रेसर बीच में रुककर ठंडा होता है, ड्यूटी साइकिल 40% पर आ गई। ऑटो ड्रेन लगाया और 500 घंटे पर ऑयल, 2,000 घंटे पर वाल्व किट का शेड्यूल दिया।
हमें क्या भेजें
- मशीन किस काम के लिए: वर्कशॉप, फ़ैक्टरी, मिल, बोरवेल, कंस्ट्रक्शन
- ज़रूरी प्रेशर और हवा – न पता हो तो टूल की सूची या पुरानी मशीन की नेमप्लेट
- रोज़ कितने घंटे चलेगी
- डीज़ल चाहिए या इलेक्ट्रिक (थ्री-फ़ेज़ है या नहीं)
- बोरवेल हो तो हैमर का साइज़, बोर की गहराई
- डिलीवरी कहाँ – शहर, राज्य
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
वारंटी किस पर लागू है?
रीफ़र्बिश्ड मशीन पर पूरे कंप्रेसर की छह महीने की वारंटी – डिलीवरी या इनवॉइस की तारीख़ से। रबर, प्लास्टिक के पुर्ज़े, फ़िल्टर, ऑयल जैसे कंज़्यूमेबल, ग़लत डीज़ल/ऑयल से नुक़सान और ओवरलोड वारंटी में नहीं आते। सेकंड हैंड (जैसी है वैसी) मशीनों पर वारंटी नहीं, जाँच रिपोर्ट होती है।
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क्या यार्ड आकर मशीन देख सकते हैं?
बिल्कुल। मशीन लोड पर चलती हुई देख सकते हैं, अपना मैकेनिक ला सकते हैं। यार्ड सिकंदराबाद के तारनाका में है।
दूसरे राज्य से ख़रीदना हो तो?
टेस्ट शीट पहले भेजते हैं; डिलीवरी ट्रांसपोर्ट से। हम पूरे भारत में मशीनें सप्लाई करते हैं।
इंस्टॉल करके देते हैं?
हाँ। डिलीवरी, इंस्टॉलेशन, साइट पर लोड टेस्ट, ऑपरेटर को समझाना – हमारे सर्विस इंजीनियर करते हैं।
कौन-से ब्रांड होते हैं?
सभी प्रमुख ब्रांड – स्टॉक के अनुसार। हर ब्रांड एक ही तरीक़े से टेस्ट होता है; स्पेयर और सर्विस हम ही देखते हैं।
डीज़ल बोरवेल कंप्रेसर सेकंड हैंड लेना सुरक्षित है?
लोड पर टेस्ट करके, प्रेशर और डिलीवरी नापकर, टेस्ट शीट में साफ़ लिखकर कि किस गहराई के बोर के लिए ठीक है – हाँ। अपने हैमर का साइज़ और बोर की गहराई बताइए; जो मशीन आपके काम के लिए नाकाफ़ी हो, वह हम नहीं बेचते।
दाम वेबसाइट पर क्यों नहीं?
स्टॉक हर हफ़्ते बदलता है, हर मशीन की हालत अलग। फ़ोन करने पर बताते हैं इस हफ़्ते क्या है, उसका टेस्ट नतीजा और दाम।
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Technical content reviewed by D. Srinivas Reddy, Managing Partner and service engineer, Reddy Compressors. Last updated 4 November 2026. How our engineering content is reviewed.